असम सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। असम सरकार ने बहुत कम ब्याज दर पर राज्य के कर्मचारियों को होम लोन देने का फैसला किया है। उच्च शिक्षा के लिए कर्मचारियों के बच्चों को भी बहुत कम इंटरेस्ट रेट पर एजुकेशन लोन मिलेगा।
असम सरकार ने बुधवार को एसबीआई के साथ दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत एसबीआई असम की महिला कर्मचारियों को 5 फीसदी और पुरुष कर्मचारियों को 5.5 फीसदी इंटरेस्ट रेट पर होम लोन देगी। साथ ही उच्च शिक्षा के लिए कर्मचारियों के बच्चों को 4 फीसदी इंटरेस्ट रेट पर एजुकेशन लोन मिलेगा। दोनों प्रकार के ऋण किसी भी तरह की कलैटरल सिक्योरिटी व प्रोसेसिंग फी से मुक्त होंगे। राज्य के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए पोर्टल डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट विद्यालक्ष्मी डॉट कॉम से एजुकेशन लोन प्राप्त कर सकते हैं।
इस पोर्टल को 15 मार्च 2015 को वित्त मंत्रालय ने प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी कार्यक्रम के तहत लॉन्च किया था। कर्मचारियों को दिया जाने वाला हाउसिंग लोन राज्य सरकार की योजना अपुन घर के तहत आएगा। हाउसिंग लोन की अधिकतम सीमा 15 लाख रुपए है। शर्मा ने कहा, सरकारी कर्मचारी का बच्चा 10 लाख रुपए तक का लोन ले सकता है। जब वह अपनी शिक्षा पूरी कर लेगा तो एक साल बाद रीपेमेंट शुरू हो जाएगा। एसबीआई का इंटरेस्ट रेट 11 फीसदी है लेकिन कर्मचारियों से सिर्फ 4 फीसदी लिया जाएगा, शेष 7 फीसदी राज्य सरकार इंटरेस्ट सब्सिडी के रूप में वहन करेगी।
एमओयू शर्मा की मौजूदगी में एसबीआई के नॉर्थ ईस्ट सर्किल के जनरल मैनेजर ओम प्रकाश मिश्रा व वित्त विभाग के अतिरिक्त सचिव देवाज्योति हजारिका के बीच हुआ। एसबीआई के प्रवक्ता ने बताया कि हाउसिंग लोन के लिए असम सरकार 3.50 फीसदी की दर से इंटरेस्ट सब्सिडी देगी। साथ ही 4 फीसदी की दर से एजुकेशन लोन के लिए भी उचित रेट देगी।