नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से एंटी रोमियो दल की ओर से की जा रही कार्रवाई का मामला सूबे से निकल कर संसद तक पहुंच गया है। गुरुवार को यह मामला लोकसभा में भी जोरशोर से उठा। विपक्षी सांसदों का कहना था कि एंटी-रोमियो दल के नाम पर युवाओं को परेशान किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है।
कांग्रेस सांसद रंजीता रंजन ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में बहन-भाई जा रहे हैं तो उनको भी रोककर परेशान किया जा रहा है। पार्क में बैठे लड़के-लड़कियों को परेशान किया जा रहा है। इस तरह की कार्रवाई बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इसको हरहाल में रोका जाना चाहिए। पुलिस एंटी रोमियो के नाम पर बेवजह लोगों को परेशान कर रही है। राह जाते जोड़ों को निशाना बनाया जा रहा है।
रंजीता ने यह भी कहा कि बूचड़खानों को बंद करवाने की आड़ में एक विशेष वर्ग और लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। यादव और मुसलमानों को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है। रंजीता के इन आरोपों पर का गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही साफ कह चुके हैं कि ‘सबका साथ सबका विकास’ को लेकर सरकार चलेगी। उधर, सपा नेता व राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने भी इस मामले पर आपत्ति जताई।