भारतीय मूल के पिता ने की हथोडी से अपने ही नवजात बेटे की हत्या

यहां कि एक अदालत में भारतीय मूल के एक आदमी पर अपने एक वर्षीय बेटे की हत्या और उसकी जुड़वां बहन की हत्या के प्रयास का आरोप लगा है। एक साल की बच्ची पर पिता विद्या सागर दास ने हथौड़ा से हमला किया, जिसमें उसकी आंखों की रोशनी चली गई है और अब वह आंशिक रूप से सुन सकती है।
स्कॉटलैंड यार्ड ने 18 मार्च को उत्तर-पूर्व लंदन के हैकिन क्षेत्र के एक फ्लैट में गंभीर हालत में दो बच्चों को पाया था। इसी के बाद से ही पुलिस ने बड़े पैमाने पर दास की तलाश शुरू की थी। आखिर में 33 वर्षीय दास को गिरफ्तार कर लिया गया। बच्ची मारिया को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था।
अब पता चला है कि वह देख नहीं सकती है और इस घटना के बाद उसे केवल थोड़ा-थोड़ा सुनाई देता है। जुड़वां बच्चों की मां क्रिस्टिनला के एक मित्र ने बताया कि हम सभी प्रार्थना कर रहे हैं कि मारिया की नजर जल्दी वापस आ जाए और वह हलमें में स्थायी रूप से अंधे नहीं हुई हो। मारिया के साथ क्रिस्टिनला अस्पताल में बैठती है। वह मारिया की सर्जरी के बाद उसका स्वास्थ्य पूरी तरह से सही होने के लिए प्रार्थना करती हैं।
इस तरह के छोटे बच्चे के लिए सिर की चोटों में काफी मुश्किलें होती हैं। मेट्रोपॉलिटन पुलिस की हत्या और मेजर क्राइम कमांड इस क्रूर हमले की जांच कर रही है। जुड़वां बच्चे लंदन के फिन्सबरी पार्क के पास विलबरफोस रोड पर इमारत के टॉप फ्लोर पर रहते थे।
बच्चों की मां क्रिस्टिनला रोमानियाई मूल की और पिता विद्या सागर भारतीय मूल के हैं। दास एक होटल में रिशेप्शनिस्ट का काम करता था और हाल ही में उसने वहां से नौकरी छोड़ दी थी। माना जा रहा है कि दास ने बच्चों पर हथौड़े से हमला करने के दौरान मां को बाथरूम में बंद कर दिया था।

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