देश की सबसे लंबी चेनानी नाशरी सुरंग जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर बनकर तैयार है और पीएम मोदी रविवार को इसका उद्घाटन करेंगे। इस सुरंग को बनाने में जहां 6 साल का समय लगा वहीं इसकी लागत 3720 करोड़ रुपए आई है। इस सुरंग के बनने के बाद जम्मू और श्रीनगर के बीच सफर के लिए लगने वाले समय में करीब ढाई घंटे की कमी आएगी। जम्मू के चेनानी और और नाशरी के बीच की दूरी अब 41 किमी से घटकर सिर्फ 10.9 किलोमीटर ही रह जाएगी। इस सुरंग को देश की सबसे स्मार्ट सुरंग भी कहा जा रहा है।
इस सुरंग के चालू होने के बाद से जम्मू से श्रीनगर के बीच की दूरी 30.11 किलोमीटर कम हो जाएगी।
सुरंग के माध्यम से जाने पर सालान 99 करोड़ यानी रोजाना 27 लाख रुपए के ईंधन की बचत होगी।
यह भारत की पहली सुरंग होगी जिसमें ‘इंटीग्रेटेड टनल कंट्रोल सिस्टम’(आईटीसीआर) लगाया गया है। मतलब इसमें हवा के आवागमन, अग्निशमन, सिग्नल, संचार और बिजली की व्यवस्था स्वचालित तरीके से काम करेगी।
सुरंग में लोगों को हवा मिलती रहे इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। हर 100 मीटर पर हवा के लिए अरेंजमेंट्स हैं।
इसमें 120 से ज्यादा सीसीटीवी लगाए गए हैं, जिनमें हर कैमरे की दूरी 75 मीटर है।
आईटीसीआर आपात स्थिति में सुरंग के अंदर मौजूद कर्मचारियों से संपर्क करके समस्या का निदान करेगा।
आपात स्थिति में यात्री इन आईटीसीआर को हॉट लाइन की तरह उपयोग कर सकेंगे और मदद के लिए उन्हें इसे खोलकर बस “हलो” बोलना होगा।
सुरंग में हर 150 मीटर पर एसओएस बॉक्स लगें हैं जिनमें फर्स्टएड का सामान और कुछ जरूरी दवाएं भी होंगे।
सुरंग में सुरक्षा को पुख्ता इंतजाम हैं और इसके बरबरी में दो टनल गुजर रहीं है। अपात स्थिति में सुरंग में बने 29 रास्तों से सुराक्षा टनल में पहुंचा जा सकता है।
सुरंग से गुजरने के लिए कार वालों को टोल टैक्स के रूप में 55 रुपए, छोटी बसों को 90 रुपए जबकि बड़ी बसों या ट्रकों को क्रमशः 190 और 285 रुपए देने होंगे।
सुरंग में नेटवर्क का भी पूर बंदोबस्त है और यात्री इसके भीतर से गुजरने के दौरान भी अपने मोबाइल से कॉल कर सकेंगे।