पाकिस्तान द्वारा मुंबई के रहने वाले कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद अब इसका देशभर में विरोध शुरू हो गया है। नागपुर में लोगों ने पाकिस्तान का पुतला जलाकर उसे आग के हवाले कर दिया वहीं सोशल मीडिया में भी इसका विरोध हो रहा है। इस बीच कुलभूषण का परिवार अपना घर छोड़कर अज्ञात स्थान पर चला गया है।
फांसी की खबर आते ही कांग्रेस ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया है। सदन में स्थगन प्रस्ताव देते हुए कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अगर उसे फांसी होती है तो इसे हम सोचा समझा मर्डर कहेंगे। अगर उसे बचा नहीं पाए तो यह सरकार की कमजोरी होगी।
भाजपा नेता अनंत कुमार ने कहा कि पूर सदन कुलभूषण जाधव के साथ है और गृहमंत्री इस मामले पर सदन में बयान देंगे।
एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन औवेसी ने कहा कि पाक सेना की अदालत बनाना कोर्ट है जहां बिना सबूत के फैसले होते हैं। सरकार अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए उसे सुरक्षित भारत लाए।
जाधव की फांसी को लेकर भारत ने अपना विरोध दर्ज करवाया है वहीं भारत में पाकिस्तान के उच्चयुक्त अब्दुल बासित ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा है। बासित पत्रकारों से सवालों को टालते हुए निकल गए।