चार सत्र की बढ़त के बाद बम्बई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज ७६९ अंक की भारी गिरावट से १८ हजार पांच सौ ९८ के स्तर पर बंद हुआ। पिछले चार वर्षों में सेंसेक्स में यह सबसे बड़ी एकदिवसीय गिरावट है। नेशनल स्टॉक एक्सचेज का निफ्टी भी चार दशमलव एक प्रतिशत की भारी गिरावट से २३४ अंक लुढ़ककर पांच हजार पांच सौ आठ के स्तर पर बंद हुआ।सबसे बड़ा कारण रहा है रुपए में विकनेस की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था में निवेशकों का विश्वास थोड़ा कमजोर पड़ा है और जो उम्मीद थी सेकेण्ड हॉफ ए ईयर में एक इकोनॉमिक रिवाईवल होगा, जी.डी.पी. ग्रोथ होगी वो कुछ अकानफिडेन्स शेक हुआ है और मुझे लगता है कि वो कुछ फॉरेन इन्वेस्टर हैं जिन्होंने भारतीय बाजारों में काफी निवेश किया है। वो अब बेचकर अपना शायद कुछ पैसा विड्रा कर रहे हैं। विश्व के बाजारों में हम देखते हैं तो वहां भी थोड़ी घबराहट है यू.एस फेडरल रिजर्व के स्टूमलेस विड्राल की वजह से कुछ डोमेस्टिक फैक्टर और कुछ चिन्ताएं जो विश्व इकोनॉमी की है उस वजह से हम गिरावट देख रहे हैं!