अमेरिकी सेना ने अफगानिगस्तान में आईएस ठिकानों पर सबसे शक्तिशाली गैर-परमाणु बम से हमला किया। इस बम को “मदर ऑफ ऑल बम” कहा जाता है। दुनिया में पहली बार इसका इस्तेमाल किया गया है। आइए जानते हैं इस विशाल बम और इस ऑपरेशन की खास बातें।
– GBU-43 नाम का यह बम बेहद खतरनाक है। इसका वजन 21,600 पौंड है।
– इस प्रकार के बम पूरी दुनिया में गिनती में केवल 15 ही हैं, इसलिए यह दुर्लभ की श्रेणी में आता है।
– पेंटागन के प्रवक्ता एडम स्टंप ने बताया कि पहली बार इस्तेमाल किए गए इस बम में 11 टन विस्फोटक भरा हुआ था।
– इस बम को एक कॉम्पलेक्स पर गिराया गया। यहां आईएस लड़ाकों के छिपे होने का संदेह था।
– इसकी पहली टेस्टिंग 11 मार्च 2003 में की गई थी। तब इसे फ्लोरिडा में गिराकर देखा गया था। उसी साल 21 नवंबर को इसका दूसरा परीक्षण किया गया था।
– मदर ऑफ ऑल बम (एमओएबी) में 9797 किलो विस्फोटक सामग्री रहती है।
– 30 फीट लंबा, 40 इंच चौड़ा और 1.6 किमी के दायरे में तबाही मचा सकता है।
– इससे 11 टन टीएनटी के बराबर विध्वंस हो सकता है।
– हरक्युलिस एमसी-130 मालवाहक विमान से गिराया गया।
– जमीन पर गिरने से 300 मीटर के रेडियस में गड्ढा हो जाता है।
– जीपीएस से लैस, निशाना चूकने की कोई गुंजाइश नहीं।
– धमाके की जगह की हर चीज वाष्प बनकर उड़ जाती है।
– जमीन से छह फीट ऊपर बम में धमाका हुआ।