डेढ़ लाख करोड़ से ज्यादा के कर्ज में डूबी शिवराज सरकार साधु-संतों और केंद्रीय मंत्रियों की हवाई यात्रा में ही हर साल करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। अप्रैल 2015 से मार्च 2016 तक केंद्रीय मंत्रियों और साधु संतों की हवाई यात्राओं के लिए सरकार ने सिर्फ निजी विमान के किराए पर 81 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किए। मप्र सरकार के खर्चे पर अवधेशानंद महाराज से लेकर श्री श्री रविशंकर भी हवाई यात्राओं का लुत्फ लेते हैं।
मप्र सरकार ने अप्रैल 2015 से मार्च 2016 तक निजी विमान कंपनियों को हेलीकॉप्टर और विमान के किराए के रूप में करीब साढ़े चार करोड़ रुपए दिए। इस दौरान सरकार ने 46 बार हेलीकॉप्टर और विमान किराए पर लिए। किराए के विमान का ज्यादातर उपयोग मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया।
अब तो विमान किराए पर लेने के नियम और आसान किए
राज्य सरकार ने निजी हेलीकॉप्टर व विमान किराए पर लेने के नियम भी आसान बना दिए हैं। पहले निजी विमान तभी किराए पर लिए जा सकते थे, जब सरकारी विमान खराब हो या उपलब्ध न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में जाने की स्थिति नहीं होने पर भी विमान किराए पर लिए जा सकते थे।
यदि मुख्यमंत्री या मंत्रियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के लिए विमान किराए पर लिया जाता था तो उसका भुगतान संबंधित विभाग या व्यक्ति को करने का प्रावधान था। लेकिन 2016 के आखिर में सरकार ने नियमों को आसान बना दिया। नए नियमों के मुताबिक जब भी सरकार को जरूरत महसूस होगी, विमान किराए पर लिए जा सकेंगे।
अरुण जेटली–9 अप्रैल 2015–दिल्ली-भोपाल-दिल्ली–4 लाख 25 हजार
उमा भारती–2 मई 2015–दिल्ली-ग्वालियर-पचमढ़ी-दिल्ली–20 लाख 50 हजार
अरुण जेटली–30 मई 2015–दिल्ली-भोपाल-दिल्ली–4 लाख 73 हजार
नितिन गडकरी–20 जून 2015– दिल्ली-जबलपुर-नागपुर-दिल्ली–9 लाख 5 हजार
अनंत कुमार–5 जून 2015–पुणे-भोपाल-बैंगलोर-पुणे–13 लाख 87 हजार
राजनाथ सिंह–25 से 27 जुलाई 2015–दिल्ली-भोपाल-हैदराबाद-भोपाल-दिल्ली–15 लाख 41 हजार
श्रीश्री रविशंकर–21 व 22 नवंबर 2015–दिल्ली-भोपाल-इंदौर-वाराणसी-पुणे-दिल्ली–9 लाख 21 हजार
अवधेशानंद महाराज–25 अक्टूबर 2015–दिल्ली-जोधपुर-इंदौर-दिल्ली–4 लाख 12 हजार
राजकीय अतिथि बनाकर दे रहे हैं सुविधा
राज्य सरकार ने साधु संतों को विमान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक तरीका निकाला है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अशोक बर्णवाल के मुताबिक नियमों के तहत राजकीय अतिथियों को विमान उपलब्ध कराए जाते हैं, जिन्हें राजकीय अतिथि घोषित किया गया, उन्हें जरूरत के मुताबिक विमान उपलब्ध कराए गए।
एक्सपर्ट व्यू
इस तरह का खर्च उचित नहीं
सरकारी विमान या किराए पर लिए जाने वाले विमानों का उपयोग सरकार के पदाधिकारी और शासकीय कामों के लिए ही किया जाना चाहिए। उत्सव, मेले या किसी कार्यक्रम में बुलाए गए अतिथियों के लिए विमानों पर भारी-भरकम खर्च बिल्कुल उचित नहीं है।
– केएस शर्मा, पूर्व मुख्य सचिव
मप्र के बेड़े में एक प्लेन और तीन हेलीकॉप्टर
मप्र सरकार के बेड़े में इस समय एक विमान और तीन हेलीकॉप्टर हैं। टर्बो प्रॉप बी 200 विमान और हेलिकॉप्टर ईसी 155 बी-1 का उपयोग मुख्यमंत्री करते हैं। सिंगल इंजन हेलिकॉप्टर बेल 407 का उपयोग मुख्यमंत्री को छोड़कर अन्य लोग करते हैं। वहीं बेल 430 लगभग बेकार पड़ा है, इसे सरकार बेचना चाहती है लेकिन कोई खरीदार नहीं मिल रहा।