हाल ही में जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था। इसमें एक कश्मीरी युवक को सेना की जीप के आगे बांधकर बैठा हुआ दिखाया गया है। इस युवक का नाम फारूक अहमद धर (26) है।
उसने बताया कि इस दौरान सीआरपीएफ जवान गाड़ी से आवाज लगा रहे थे-आओ और अपने ही आदमी पर पत्थर चलाओ। फारूक ने बताया कि उसने कभी पत्थरबाजी नहीं की। वह कश्मीर में कुछ छोटे-मोटे काम करता था।
फारूक के परिवार में उसकी एक बुढ़ी मां है, जिसका कहना है कि यही मेरा आखिरी सहारा है। अगर उसे कुछ हो गया, तो मैं कहीं की नहीं रह जाऊंगी। फारुख ने बताया कि वह घटना वाले दिन अपने एक रिश्तेदार की आखिरी यात्रा में शामिल होने के लिए जा रहा था।
रास्ते में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे, तो वह आगे नहीं जा सका। इस बीच कुछ जवानों ने मुझे पकड़कर मारा और जीप के आगे बांध दिया। नौ गांवों से घुमाकर ले जाते हुए सीआरपीएफ कैंप में ले जाया गया, जहां जीप से खोला गया और कैंप में बिठाया गया।
हालांकि, बाद में उसे छोड़ दिया गया, लेकिन फारुख अभी भी डरा हुआ है। उसका कहना है कि इस मामले में किसी से शिकायत नहीं करना चाहता है। गौरतलब है कि बडगाम में कुछ कश्मीरी युवकों द्वारा सीआरपीएफ के जवानों को मारने-पीटने की घटना का वीडियो शुक्रवार को सामने आया था।
जवानों के हाथ में हथियार थे, लेकिन फिर भी वह कश्मीरी युवकों की बदतमीजी बर्दाश्त कर रहे थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद पूरे देश में रोष जाहिर किया गया था। इस मामले में स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तीन लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।