भारतीय जांच एजेंसियों के लिए अभी भी यह रहस्य बना हुआ है कि कुलभूषण जाधव पाकिस्तानी एजेंसियों के हत्थे कैसे चढ़े? अभी तक की जांच से यह पता चल रहा है कि इसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ कुछ आतंकी संगठनों की मदद से अगवा करवाने में सफल रही है।
ईरान के चाबहार इलाके में जहां जाधव को अंतिम बार देखा गया था वह पाक समर्थित आतंकी संगठनों के प्रभाव वाला इलाका रहा है। जहां वे तरह-तरह के गलत धंधे करते हैं। ईरान सरकार की तरफ से इन संगठनों पर सख्ती करने की खबरें भी लगातार आती रहती हैं।
वैसे भारत सरकार पहले ही इस बात की तफ्तीश करने में जुटी थी लेकिन हाल ही में पाकिस्तान की मिलिट्री कोर्ट की तरफ से जाधव को फांसी की सजा देने के बाद पूरे मामले को नए सिरे से देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक जाधव को पाकिस्तान कैसे ले जाया गया। इसे ईरान सरकार की मदद के बिना पता नहीं लगाया जा सकता।
पहले तो ईरान का रवैया सकारात्मक था लेकिन हाल के महीनों में ईरान की तरफ से इस पर बहुत सकारात्मक रुख नहीं दिखा रहा है। कई बार तो ईरान ने पाकिस्तान के सुर में ही सुर मिलाया है। मसलन, हाल ही में ईरान सरकार की तरफ से पाकिस्तान को यह आश्वासन दिया गया था कि वह यह जांच करेगा कि जाधव कैसे पाकिस्तान में प्रवेश कर गये।
इसके अलावा हाल के दिनों में तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत व ईरान में काफी तल्खी बढ़ी है। भारत के बार-बार आग्र्रह करने के बावजूद ईरान ने जाधव के गायब होने पर अभी तक कोई आधिकारिक पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। इस वजह से जाधव के गायब होने पर भारत की तरफ से की जा रही जांच में बहुत सारी कठिनाइयां हैं।
भारतीय एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक पाक का दावा है कि जाधव को उन्होंने मार्च, 2016 में बलूचिस्तान में गिरफ्तार किया था, लेकिन भारत ने अपनी जांच में पाया कि जाधव कम से कम तीन महीने पहले से ईरान से गायब थे। ईरान ने भी इस बात की तसदीक की थी।
खुफिया एजेंसियों को ईरान व पाकिस्तान सीमा पर तालिबान से जुड़े आतंकी संगठनों पर शक है। इन एजेंसियों के जरिए पाकिस्तान पहले ही भी अपने हित साधने वाले काम करवाता रहा है। तालिबान पहले भी अपने दुश्मन आतंकी संगठनों के प्रमुख लीडरों को पकड़ कर उन्हें पाकिस्तान सेना को बेचता रहा है।
इन संगठनों की नजर पहले से ही भारतीय नौसेना के इस पूर्व अधिकारी पर होगी और मौका देखकर उन्हें अगवा किया गया होगा। क्योंकि जाधव पाकिस्तान की इस साजिश में बिल्कुल फिट बैठते थे।