किशोर विभुते के लिए उनकी शादी किसी सपने से कम नहीं। हो भी क्यों न। आखिर तीन साल पहले उन्होंने जो लक्ष्य बनाया था वह पूरा होना भी किसी ख्वाब से कम नहीं है। किशोर महाराष्ट्र के लातूर जिले के हिवारे गांव में बतौर ग्राम सेवक सेवा दे रहे हैं।
तीन साल पहले जब उन्हें वहां पर तैनात किया गया तो गांव की हालत काफी दयनीय थी। लोग खुले में शौच जाते थे। किशोर ने उनको समझाया, लेकिन तत्काल कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया। कुछ समय के लिए वह लकीर के फकीर भी बने रहे पर एक दिन उन्हें प्रेरणा मिली स्वच्छ भारत अभियान से।
वह फिर से हर घर में शौचालय बनवाने की मुहिम में जुटे। 2014 में जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी के साथ बैठक के बाद उन्होंने यह अनूठा प्रण लिया। तीन साल पहले गांव के 351 घरों में से 174 में ही शौचालय थे।
किशोर को अपना ख्वाब पूरा करने में काफी परेशानी भी हुई। वह लोगों को लगातार समझाते रहे कि खुले में शौच जाने के क्या नुकसान है, इससे किस तरह की बीमारियां पनपने लग जाती हैं।
कुछ दिन लोगों ने बात को गंभीरता से नहीं लिया लेकिन फिर लोगों को भी उनकी बात ठीक लगी। पिछले साल उनका लक्ष्य पूरा हुआ तो उन्होंने पड़ोस के संगम गांव की युवती के साथ सात फेरे लेने का फैसला किया।
जिसा सूचना अधिकारी किरण मोघे ने बताया कि शुक्रवार को जिला प्रशासन की टीम ने गांव का दौरा किया तो उन्हें हर घर में शौचालय मिला।