मायावती ने पलटवार करते हुए कहा नसीमुद्दीन सिद्दीको को ब्लैकमेलर और उगाही करने वाला करार दिया।

नसीमुद्दीन सिद्दीको को बसपा से निकाले जाने के बाद राजनीति गर्मा गई है। जहां एक तरफ नसीमुद्दीन ने मायावती पर गंभीर आरोप लगाए वहीं मायावती ने उन्हें ब्लैकमेलर और उगाही करने वाला करार दे दिया।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पलटवार करते हुए कहा है कि लोगों ने मुझे बताया कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी ब्लैकमेलर है। वह लोगों को डराकर पैसों की उगाही करता है। पैसों के लिए पार्टी के लोगों को ब्लैकमेल करता था। उन्होंने कहा कि नसीमुद्दीन के टेप में कोई नई बात नहीं है। नसीमुद्दीन ने टेप में कांट छांट की है।
मायावती ने कहा, ‘नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पार्टी फंड के पैसे का दुरुपयोग किया। हमने उनसे चंदे का हिसाब मांगा था, जो उन्होंने नहीं दिया। हमें कई लोगों की ओर से शिकायत मिली, वो पार्टी फंड के पैसे का गलत इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में मजबूरन हमें उन्हें पार्टी से निकालना पड़ा। सिद्दीकी के ऑडियो क्लिप पर मायावती ने कहा कि उसने ऑडियो क्लिप से छेड़छाड़ की है। उसने अपने हिस्से की बातों को डिलीट कर दिया और सिर्फ मेरी बातों को ही गलत तरीके से पेश किया। ऑडियो टेप में सिर्फ अपने मतलब की बातें सुनवाई।
बसपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी को गरीब मजदूरों से पैसे मिले। उनके पैसे को नजीमुद्दीन सिद्दीकी खा गए। यही वजह रही कि हमने उन्हें पार्टी से निकाल दिया। यहां तक कि पश्चिमी यूपी के कई लोगों ने मांग की थी कि सिद्दीकी के पार्टी से हटाया जाए। सच्चाई तो यह है कि दाल में काला था, लेकिन यह बहुत बड़ा था। वह पार्टी के
कार्यकर्ताओं और नेताओं का फोन टेप कर धमकाता थ। उसने बीएसपी की मुहिम को नुकसान पहुंचाई।मायावती ने कहा, ‘मुस्लिम समाज को बसपा पर पूरा भरोसा है। मैंने कभी भी आपत्तिजनक बातें मुस्लिम समाज के खिलाफ नहीं कहे। मैंने कई बार दूसरे मुस्लिम नेताओं को आगे बढ़ाने की बात कही, लेकिन सिद्दीकी उन लोगों को आने नहीं दे रहे थे। मुस्लिम समाज के लोग सिद्दीकी को कभी माफ नहीं करेंगे।
‘मुझे पहली बार पता चला, सिद्दीकी की कोई बेटी भी थी’
मायावती ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के उन आरोपों को भी नकार दिया, जिसमें सिद्दीकी ने दावा किया था कि बसपा प्रमुख ने उनकी बेटी की मौत पर उन्हें छुट्टी नहीं दी थी। मायावती ने कहा कि उन्होंने पहली बार सुना कि सिद्दीकी की कोई बेटी भी थी। सतीश चंद्र मिश्रा की प्रशंसा करते हुए मायावती ने कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए बहुत कुछ किया। वे बेहद सुलझे और शिक्षित इंसान हैं। सतीश जी ने बसपा के लिए कई मुकदमे लड़े, लेकिन एक भी पैसा नहीं लिया। सच्चाई तो यह है कि सतीश चंद्र मिश्रा के पैरों के धूल के भी बराबर सिद्दीकी नहीं है।
मायावती ने कहा कि यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा को छोड़कर बाकी दलों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा।ऐसे में बहुजन समाज पार्टी को भी कम सीटें मिली, लेकिन वोट फीसदी हमारा कम नहीं हुआ। यह साबित करता है कि जनता का हमपर यकीन बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यूपी चुनाव में हमारी हार की बड़ी वजह ईवीएम में गड़बड़ी है। हमने इसको लेकर अपनी शिकायतें भी दर्ज कराई। यहां तक कि धरना-प्रदर्शन भी किया।
बताते चलें कि बहुजन समाज पार्टी से बर्खास्तगी के बाद नसीमुद्दीन ने बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नसीमुद्दीन ने कहा कि मायावती ने चुनाव के बाद मुझे बुला कर कहा कि मुसलमान गद्दार हैं। ये कहने पर मैंने आपत्ति की कि ऐसा मत कहें। मैंने कहा कि मैं किसी मौलाना को लेकर आपके पास नहीं आया। इसके बाद मायावती ने कहा कि विधानसभा चुनावों में अपर कास्ट, पिछड़े वर्ग के मतदाताओं ने भी बसपा को वोट नहीं दिया।

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