औद्योगिक वस्तुएं विभिन्न आकृति, आकार तथा घनत्व की होती है। ऊर्जा चयन, गैंट्री आकार, ज्यामितीय अस्पष्टता और स्कैनिंग की लम्बी अवधि के कारण मेडिकल सी टी तथा गामा रे सी टी सिस्टम उनकी जांच बहुधा कठिन होती है। औद्योगिक वस्तुओं की जांच हेतु उपलब्ध आयातित प्रौद्योगिकी बेहद महंगी है। इसके अलावा भारत को इन स्कैनरो के निर्यात पर रोक लगी थी। डीआरडीओ ने विशालाकार वस्तुओं की स्कैनिंग के लिए एक्स-रे आधारित औद्योगिक संगणित टॉमोग्राफी(आई सी टी) का विकास सफतलापूर्वक पूर्ण किया है।
इस सिस्टम में 450 के वी एक्स-रे स्रोत, 256 चैनल सिंटिलेशन डिटेक्टर ऐरे (कैडमियम टंगस्टेट)तथा छह-अक्षीय सी एन सी मेकैनिकल मैनिपुलेटर होते हैं। यह 1000 मिमी. व्यास (खोल), 6मी. ऊंचाई तथा 2000 कि ग्रा. वजन की वस्तु को संभाल सकता है। इस सिस्टम में दो स्कैनिंग ज्यामितियां-केवल घूर्णन तथा रूपांतरण-घूर्णन होती है, जो विभिन्न आकार की वस्तुओं को समायोजित करने के लिए होती है। 256 चैनल डिटेक्टर ऐरे तथा कम एकीकरण समय के कारण वस्तुओं के स्कैनिंग समय में पर्याप्त कमी लाई गई है। 200 मिमी. व्यास की वस्तु की स्कैनिंग के लिए 5 मिनट केवल घूर्णन तथा 1000 मिमी. व्यास के खोल हेतु रूपांतरण-सह-घूर्णन मोड में 25 मिनट के समय की जरूरत होती है।
प्रणाली का स्थानिक चक्रण एक रेखा पेयर/मिमी. तथा न्यूनतम खण्ड मोटाई। मिमी. है। प्रणाली का अभिरूचि क्षेत्र तथा 3-डी दृश्य 3-डी में दोष की सीमा देखने में सहायक होता है। प्रणाली द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण तथा विस्तृत सूचना किसी पारम्परिक गैर-विनाशक परीक्षण विधि से प्राप्त की जानी कठिन है तथा विभिन्न एकीकृत गाइडेड मिसाइल विकास कार्यक्रम और अन्य परियोजनाओं के लिए बहुत उपयोगी है।
यह प्रणाली भारत में उपलब्ध अपने प्रकार तथा श्रेणी की सर्वप्रथम प्रणाली है, जो अधिक व्यवहार्य है और गैर-विनाशक तथा विपर्य इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों हेतु सक्षम है।