जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस दोनों ने ही इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ने की घोषणा की है। आज जम्मू में एक संवाददाता सम्मेलन
में कांग्रेस महासचिव और जम्मू-कश्मीर मामलों की प्रभारी अंबिका सोनी ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने का फैसला किया है। पार्टी ने ये फैसला किया है हम अपने उम्मीदवार ८७ सीट पर खड़े करेंगे। पार्टी अपने बलबूते पर, अपने कार्यक्रमों के आधार पर, अपने सैक्युलर क्रिडेशियल्स को और मजबूत करते हुए और पेश करते हुए हम ये आने वाला चुनाव जम्मू-कश्मीर रियासत की विधानसभा के लिए लड़ने का फैसला किया है। श्रीमती सोनी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के समर्थकों ने एक-दूसरे को वोट नहीं दिया था, जिसकी वजह से वहां हार का सामना करना पड़ा था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज+ाद भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में सबसे बड़े दल के रूप में उभरना चाहती है। नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि उन्होंने दस दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सूचित कर दिया था कि राज्य में चुनाव से पहले दोनों पार्टियों में गठबंधन नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले का श्रेय कांग्रेस द्वारा लिया जाना गलत है और तथ्यों को पूरी तरह तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।