भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण – ट्राई ने एक ही सर्किल में दूरसंचार सेवा कंपनियों के पास मौजूद किसी भी श्रेणी का स्पैक्ट्रम आपस में बांटने की अनुमति देने की सिफारिश की है।
उसने सुझाव दिया है कि अधिकतम दो ऑपरेटर ही आपस में स्पैक्ट्रम बांट सकते हैं। इस कदम से कंपनियों को मोबाइल फोन सेवाओं की लागत कम करने में मदद मिलेगी। ट्राई ने कल जारी विज्ञप्ति में कहा कि अगर दोनों लाइसेंसधारी कंपनियों के पास स्पैक्ट्रम एक ही बैंड में है तभी वे उसे आपस में बांट सकती हैं। इस समय दूरसंचार कंपनियों को मोबाइल टावर जैसी सुविधाएं साझा करने की अनुमति है, लेकिन स्पैक्ट्रम बांटने की नहीं है। ट्राई ने यह भी सुझाव दिया है कि सरकार थ्री-जी स्पैक्ट्रम साझा करने की भी अनुमति दे।