हम ऐसे नौजवानों को तैयार करना चाहते हैं, जिनके हुनर की दुनियाभर में प्रशंसा हो।बजट घोषणाओं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उत्पादन क्षेत्र को बढ़ावा देना होगा। आयात निर्यात में संतुलन लाना होगा, नौजवान को काम देना होगा।
उन्होंने समूचे विश्व का आह्वान करते हुए कहा कि आइये, भारत में निर्माण कीजिये– कम, मेक इन इंडिया।हमारे पास स्किल है, टेलेन्ट है, डिसिपिलिन है कुछ कर गुजरने का इरादा है। हम विश्व को एक सामूहिक अवसर देना चाहते हैं कि आइये कम मेक इन इंडिया इलेक्ट्रिकल से लेकर के इलेक्ट्रॉनिक तक कम मेक इन इंडिया। पेपर हो या प्लास्टिक कम मेक इन इंडिया, सेटेलाइट हो या सब मिरिर कम मेक इन इंडिया। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में ज़ीरो डिफेक्ट की बात पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हम ऐसी चीजों का निर्माण करें जो विश्वभर में सराही जाएं। उन्होंने कहा कि हमारे नौजवानों ने कंप्यूटर पर उंगलियां चलाकर देश की पहचान को बदला है। हमारा सपना है–डिजिटल इंडिया।
पर्यटन के क्षेत्र में गंदगी को सबसे बड़ी बाधा बताते हुए उन्होंने पूछा कि क्यों हम गंदगी में जीना चाहते हैं। क्यों नहीं हम इतना छोड़ा संकल्प नहीं ले सकता। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें स्वच्छता सबसे प्रिय थी।योजना आयोग की उपयोगिता खत्म होने का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने, सरकारी निजी भागीदारी बढ़ाने और संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए एक नई संस्था बनाई जाएगी।प्रधानमंत्री ने मां भारती की रक्षा में तत्पर सुरक्षाबलों को धन्यवाद दिया और भारत माता की जय, जय हिंद और वंदे मातरम के जयघोष के साथ भाषण का समापन किया।