उत्तर-प्रदेश में राप्ती नदी में जल स्तर सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक सौ पांच दशमलव चार सात मीटर तक पहुंच गया है। राज्य के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने लखनऊ में बताया कि बहराइच जिले में बाढ़ का प्रकोप सबसे ज्यादा है।
वहां अब तक चौदह लोगों की जान गई है। सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हर संभव सहायता देने के निर्देश दिया है। बाढ़ प्रभावित जिलों का 6 लाख एकड़ भू-क्षेत्र पिछले कई दिनों से जलमग्न है। घाघरा, सरयू और राप्ती नदियों के लाई तेज बाढ़ में अब तक 6 सौ से अधिक मकानों के बह जाने या पूरी तरह नष्ट हो जाने की आशंका है। बिहार में कई जिलों में लगभग चार लाख लोगों पर बाढ़ का असर पड़ा है। कोसी, कमला बालान और गंडक नदी में पानी कई स्थानो पर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। राज्य के मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इस बीच, बाढ़ राहत कार्यों में तैनात आठ दलों की सहायता के लिए राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के चार दल कोलकाता से भेजे जा रहे हैं।