उच्चतम न्यायालय ने आज बीसीसीआई के निर्वासित अध्यक्ष एन0 श्रीनिवासन को हितों के टकराव के आधार पर बीसीसीआई का कोई भी चुनाव लडने पर रोक लगा दी है।
न्यायालय ने 2013 के आईपीएल घोटाले में सजा पर निर्णय लेने के लिए एक उच्चतम न्यायालय के एक पूर्व प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायाधीशों की समिति बनाई है। न्यायालय ने श्रीनिवासन के दामाद और चेन्नई सुपरकिंग्स टीम के अधिकारी गुरूनाथ मैयप्पन तथा राजस्थान रायल्स के सह-अध्यक्ष राज कुन्द्रा के खिलाफ सट्टेबाजी के आरोपों को सही पाया है जबकि श्रीनिवासन को तथ्य छिपाने के आरोपों से बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति टी0 एस0 ठाकुर और एफ एम आई खलीफुल्ला की पीठ ने बीसीसीआई के नियमों में संशोधनों को अवैध करार दिया है जिसके अन्तर्गत श्रीनिवासन एक आईपीएल टीम के मालिक हैं।