लोकसभा में आज भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता संशोधन विधेयक 2015 पेश किया गया। ग्रामीण विकास मंत्री बीरेन्द्र सिंह ने विधेयक पेश किया।
राज्यसभा में आज वित्तमंत्री अरूण जेटली ने यह आश्वासन दिया कि सरकार जल्दी ही भूमि अधिग्रहण विधेयक पर सभी दलों के साथ विचार विमर्श करेगी। विपक्षी सदस्यों ने अध्यादेश के स्थान पर नया विधेयक लाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर सर्वसम्मति बनाने की कोशिश करेगी। राज्यसभा में आज विपक्षी सदस्यों ने इस विधेयक को लोकसभा में पेश करने के मुद्दे पर हंगामा किया।
राज्यसभा में कांग्रेस के आनंद शर्मा ने एनडीए सरकार पर प्रावधानों को मनमाने ढंग से बदलने का आरोप लगाया, जो किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने विधेयक को रद्द करने की भी मांग की। जनता दल युनाइटेड के शरद यादव ने आरोप लगाया कि सरकार इस प्रकार का अध्यादेश लाकर गरीबों को परेशान करना चाहती है। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने कहा कि प्रस्तावित कानून किसानों के हित में नहीं है। उन्होंने इसकी समीक्षा की भी मांग की। समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने भी कहा कि सरकार ने इस पर विपक्ष से परामर्श नहीं किया। जनता दल युनाइटेड के के सी त्यागी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के डी राजा, कांग्रेस के जयराम रमेश और तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओब्रायन ने विधेयक पर सवाल उठाए।