मनरेगा में कांग्रेस विफल लेकिन योजना जारी रहेगी।

प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी ने विपक्ष को आश्‍वासन दिया है कि सरकार भूमि अधिग्रहण विधेयक में किसानों के हित में सुझावों को शामिल करने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री लोकसभा में संयुक्‍त अधिवेशन में राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर धन्‍यवाद प्रस्‍ताव पर बहस का जवाब दे रहे थे। कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दल उचित मुआवजे के अधिकार और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्‍थापन संशोधन विधेयक 2015 को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

विपक्ष द्वारा उठाये गए मुद्दों पर सिलसिलेवार जवाब देते हुए श्री मोदी ने भ्रष्‍टाचार, काले धन, मनरेगा और कोयला ब्‍लाक आबंटनों का हवाला दिया और कांग्रेस की आलोचना की। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की लोकप्रिय योजना मनरेगा के बारे में तीखी आलोचना करते हुए कहा कि आजादी के साठ वर्ष बाद भी देश में यह गरीबी का जीवित स्‍मारक है। उन्‍होंने कहा कि वे इस योजना को जारी रखेंगे। बहस के दौरान कांग्रेस सदस्‍यों ने मोदी सरकार पर मनरेगा पर अमल न करने का आरोप लगाया था। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने विपक्षी दलों से अपील की है कि वे भूमि अधिग्रहण बिल को पारित होने में सहयोग करें, न कि इसे प्रतिष्‍ठा का वि‍षय बनाए। श्री मोदी ने कहा कि बिल के पारित होने का श्रेय विपक्ष को दि‍या जाएगा। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सांप्रदायिकता को अस्‍वीकार्य बताया। भ्रष्‍ट्राचार के मुद्दे पर अपने विचार रखते हएु श्री मोदी ने कहा कि इससे लड़ने के लिए सभी दलों को एक साथ आना होगा। वहीं कांग्रेस नेता भालचंद्र मुंगेकर ने भूमि अधिग्रहण बिल पर प्रधानमंत्री के सकारात्‍मक दृष्‍टि‍कोण की सराहना की। इसके साथ उन्‍होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी कोई भी किसान विरोधी संशोधन स्‍वीकार नहीं करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *