पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय मोगा में एक किशोरी से छेड़छाड़ और उसकी मौत की घटना की कल सुनवाई करेगा। अदालत ने इस मामले में लिखे गये एक पत्र का संज्ञान लिया है। 13 वर्षीया इस लड़की को छेड़छाड़ के बाद कथित रूप से चलती बस से फेंक दिया गया था। पीडि़ता के परिजनों ने न्याय मिलने तक उसके शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया है। परिजन ऑर्बिट बस सेवा के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
हालांकि उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने तत्काल प्रभाव से इस बस सेवा को बंद करने का आदेश दिया है। लेकिन श्री बादल के परिवार से संवेदना प्रकट करने के लिए अब तक कोई भी पीडि़ता के परिजनों से मिलने नहीं गया है। इस बीच, बस मालिकों के खिलाफ समुचित कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए अनेक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रदर्शन जारी हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष राजकुमार वेरका ने मोगा के उपायुक्त से इस घटना के बारे में कार्रवाई रिपोर्ट तुरंत दाखिल करने का कहा है।