मुम्बई की सत्र अदालत ने 2002 के हिट एंड रन मामले में सलमान खान को पांच साल कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में पटरी पर सो रहा एक व्यक्ति मारा गया था और चार घायल हो गए थे। सजा की घोषणा सत्र अदालत के न्यायाधीश डी डब्ल्यू देशपांडे के कक्ष में की गई। अदालत ने सलमान खान को भारतीय दंड संहिता की धारा 304-दो के तहत गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने सलमान को दोषी ठहराने का फैसला लेते समय दिल्ली के संजीव नंदा बीएमडब्ल्यू कांड और अलीस्टेयर परेरा मामले में दिये गए फैसलों का सहारा लिया।
अदालत ने यह भी कहा कि सलमान खान पर भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 337, 338 और 427 के तहत आरोप सिद्ध हुए हैं। इस फैसले से सलमान खान की फिल्मों में लगे दो सौ करोड़ रूपये से ज्यादा की रकम दांव पर लग गई है।
न्यायालय डी देशपांडे ने सलमान खान से पूछा कि उन्हें अपने बचाव में क्या कहना है। सलमान खान ने आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि वे एस यू वी नहीं चला रहे थे। सलमान खान के वकील ने न्यायाधीश से आग्रह किया कि पिछले कई वर्षों से सलमान खान की समाज सेवा को देखते हुए उन्हें अधिकतम तीन वर्ष से कम कैद दी जाए और जुर्माना लगाया जाए।
सलमान अपने रिश्तेदारों के साथ आज सुबह अदालत पहुंचे। अदालत परिसर के आसपास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। सिर्फ मीडियाकर्मियों, वकीलों और अदालत के कर्मचारियों को ही अदालत में जाने की अनुमति थी।
अभियोजन पक्ष ने दावा किया था कि 28 सितम्बर 2002 को सलमान खान ने जुहू के एक रेस्तरां में शराब पी और अपनी एसयूवी चलाकर घर लौटते हुए गाड़ी पर नियंत्रण खो बैठे तथा बान्द्रा उपनगर में एक बेकरी के बाहर पटरी पर सो रहे लोगों पर गाड़ी चढ़ा दी।
बान्द्रा के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने पहले अंधाधुंध और लापरवाही से गाड़ी चलाने के कम गंभीर आरोप के तहत मुकदमे की सुनवाई की थी, जिसके तहत अधिकतम दो वर्ष की सजा हो सकती थी। फिर 2012 में मजिस्ट्रेट ने गैर इरादतन हत्या का गंभीर आरोप लगाया और मामले को सत्र अदालत को सौंप दिया। इस आरोप में दस साल तक कैद का प्रावधान है। सलमान खान ने दावा किया था कि दुर्घटना के समय वे नहीं बल्कि ड्राइवर अशोक सिंह गाड़ी चला रहा था। ड्राइवर अशोक सिंह ने भी दावे की पुष्टि की थी।