कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि फ्रांस के साथ 36 राफेल विमान खरीद सौदे में पारदर्शिता नहीं बरती गई और रक्षा खरीद प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने यह भी आरोप लगाया है कि दोनों देशों की सरकारों के बीच इस तरह की खरीद का कोई समझौता नहीं हुआ है, जिसमें विमानों की खरीद स्थापित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना की जा सके। श्री एंटनी ने यह भी कहा है कि सरकार ने रक्षा खरीद परिषद से भी कोई मंजूरी नहीं ली और एकतरफा तौर पर इसकी घोषणा कर दी। श्री एंटनी ने कहा कि एन डी ए सरकार ने रक्षा क्षेत्र के लिए पर्याप्त धन खर्च न करके राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल रक्षा खर्च में 13 प्रतिशत कटौती कर दी गई जिससे यह पिछले छह साल में सबसे कम हो गया है। उन्होंने कहा कि यू पी ए सरकार ने रक्षा क्षेत्र पर पर्याप्त ध्यान दिया था। एन डी ए सरकार ने पिछले वर्ष के दौरान सबसे कम रक्षा बजट पर खर्च किया है। जबकि यू पी ए सरकार ने पिछले छह वर्षों में लगातार रक्षा बजट हर साल बढ़ाया था।