केरल सरकार माओवादी होने को अपराध नहीं मानने की उच्च न्यायालय की एकल पीठ की व्यवस्था को खंडपीठ में चुनौती देगी। इस बारे में सरकार के औपचारिक फैसले के बाद अपील की कार्यवाही शुरू की जायेगी। केरल उच्च न्यायालय की एकलपीठ ने माओवादियों से संबंध रखने के आरोप में एक व्यक्ति को प्रताडि़त करने पर राज्य पुलिस की आलोचना की है। शुक्रवार को अपने फैसले में पीठ ने कहा कि माओवादी होना अपराध नहीं है और पुलिस किसी व्यक्ति को केवल इसलिए हिरासत में नहीं रख सकती कि वह माओवादी है। राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्नीथला ने बताया कि राज्य सरकार न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी परिस्थितियों में गैर-कानूनी गतिविधि निरोधक कानून को लागू करना मुश्किल होगा। राज्य सरकार ने गृह सचिव से केरल उच्च न्यायालय के फैसले को अच्छी तरह देखकर रिपोर्ट देने को कहा है। इस बीच, अतिरिक्त महानिदेशक, अभियोजन ने आकाशवाणी को बताया कि सरकार इस फैसले के खिलाफ खंडपीठ में अपील कर रही है।