दिल्ली उच्च न्यायालय ने ग्रीनपीस इंडिया को दैनिक कार्यों के लिए देशवासियों से चंदा प्राप्त करने और उसके इस्तेमाल के उद्देश्य से अपने दो खातों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने कहा है कि सरकार स्वैच्छिक संगठनों को अपने ही पैसे के इस्तेमाल से रोक नहीं सकती। न्यायालय ने ग्रीनपीस संगठन को अपनी मियादी जमा राशि को भुनाने की अनुमति भी दे दी है। न्यायमूर्ति राजीव शकधर की पीठ ने कहा कि संगठन को जमा राशि और नये चंदे का उपयोग कानून के अनुसार अपने उद्देश्यों और लक्ष्यों के लिए ही करना चाहिए।