राजस्थान में गुर्जर आंदोलनकारियों के प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के बीच जयपुर में हुई चौथे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। गुर्जर नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार ने जो प्रस्ताव रखा है वो उन्हें स्वीकार्य नहीं है और वे आंदोलन में शामिल होने के लिए पीलुपुरा वापस जा रहे हैं।
सरकार ने कहा है कि वह वर्ष 2008 में पारित अधिनियम के अनुसार गुर्जरों को विशेष पिछड़ा वर्ग में आरक्षण देने को तैयार है। लेकिन गुर्जर नेता पचास प्रतिशत की सीमा के भीतर आरक्षण की मांग पर अड़े हुए हैं। इस बीच राज्य के गृह मंत्री गुलाब चन्द कटारिया ने कहा है कि उच्च न्यायालय के आज आदेश के मद्देनजर गुर्जर नेताओं को सड़क और रेलमार्ग खोलने के लिए समझाया जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि गुर्जर नेता भी न्यायालय के आदेश का सम्मान करेंगे।