उच्चतम न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के तीन दोषियों की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने के अपने फैसले की पुष्टि की है। न्यायालय ने इस फैसले की समीक्षा के लिए दायर केन्द्र सरकार की निवारक याचिका खारिज कर दी है।
इससे पहले न्यायालय ने मामले के तीन दोषियों- संथन, मुरुगन और पेरारीवलन की मौत की सजा को उम्र कैद में बदल दिया था। न्यायालय ने इनकी दया याचिकाओं पर फैसला लेने में ग्यारह वर्ष की देरी के कारण को आधार बनाते हुए यह निर्णय दिया था।