कश्मीर में गौमांस की ब्रिकी पर प्रतिबंध लगाने के उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ आज अलगाववादियों की हड़ताल से कश्मीर घाटी में जनजीवन अस्त–व्यस्त है।किराज्य के प्रमुख मौलवी और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती बशीरूद्दीन अहमद ने उच्च न्यायालय के फैसले को इस्लामी शरियत के खिलाफ और लोगों के धर्म में हस्तक्षेप बताया है।
प्रशासन की ओर से श्रीनगर के पुराने शहर के पांच पुलिस थानों और महकमा पुलिस थानों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है। दुकानें,व्यापारिक प्रतिष्ठान, शैक्षिक संस्थान और अदालतें बंद हैं। सरकारी, अर्द्ध सरकारी कार्यालयों, बैंकों, विश्वविद्यालयों और अन्य संस्थानों में हाजिरी काफी हद तक प्रभावित हुई है। सार्वजनिक परिवहन सड़कों से गायब है। ताहम अल्प निजी परिवहन राजधानी में चल रहा है। कश्मीर विश्वविद्यालय ने आज अपनी परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। जिला मुख्यालयों से भी सामान्य जीवन, व्यावधान होने के समाचार हैं।