केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो-सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय में दाखिल अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वह उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करेगी और कोयला घोटाले की जांच के बारे में कोई भी जानकारी किसी को नहीं देंगी। इसके साथ ही सीबीआई ने यह भी कहा कि मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी की आवश्यकता की स्थिति में उसे कुछ बातों की जानकारी देनी पड़ सकती है। हाल में सीबीआई को पूर्व कोयला सचिव एच० सी० गुप्ता को आरोपी के रूप में पेशी के लिए बुलाने के वास्ते कंपनी मामलों के मंत्रालय को जानकारी देनी पड़ी थी, क्योंकि मंत्रालय ने तब तक यह मंजूरी देने से इंकार किया था, जबतक श्री गुप्ता के खिलाफ सबूतों का ब्यौरा उपलब्ध नहीं करा दिया जाता।