आंदोलन के कारण आज स्थिति और खराब हो गई है। भिवानी, रोहतक, झज्जर और जींद के जिला मुख्यालय में कर्फ्यू लागू है। बेरी, बहादुरगढ़ और मेहम जैसे छोटे शहरों में भी कर्फ्यू लगा दिया गया है। जींद, भिवानी और रोहतक में देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। राज्य के 9 जिलों में सेना तैनात कर दी गई है और विभिन्न जगहों पर फ्लैग मार्च किया जा रहा है।
आज साढे चार सौ से अधिक रेलगाडियां रद्द हैं, जबकि लगभग ढाई सौ गाडियों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है। हरियाणा के कई शहरों का सड़क और रेल संपर्क देश के अन्य भागों से कटा हुआ है।
फौज के लगाए जाने और कर्फ्यू लगाए जाने के बावजूद आंदोलनकारी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। आंदोलनकारियों ने सरकार द्वारा सुझाए गए फार्मूले को पहले से ही रद्द कर दिया है और रोहतक और भिवानी से मिले समाचारों में कहा गया है कि जाट समुदाय के नेता लोग सरकार द्वारा एक ऑडिनेंस चलाए जाने की मांग कर रहे हैं जिसमें जाट समुदाय को पिछड़ा वर्ग में शामिल किया जाए और विधानसभा में इस संबंध में एक बिल लाया जाए।