सरकार इशरत जहां फर्जी मुठभेड़ मामले में हलफनामा बदलने और पत्रों तथा दस्तावेजों के गायब होने की जांच करवा रही है। लोकसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद केन्द्र सरकार आगे कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने इस मामले में लीपापोती की है। श्री सिंह ने यू पी ए सरकार पर आतंकवाद को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। गृह मंत्री ने कहा कि डेविड हेडली के बयान से साबित हो गया है कि इशरत जहां आतंकवादी थी और गुजरात उच्च न्यायालय में दायर पहले हल्फनामे में इस बात का उल्लेख किया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार को बदनाम करने का षड्यंत्र किया गया।
Related News