हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में राज्यमंत्रिमंडल की बैठक में जाट आरक्षण विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी गई। मंत्रिमंडल ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को कानूनी दर्जा देने को भी स्वीकृति प्रदान कर दी। जाट आरक्षण विधेयक आज विधानसभा में पेश नहीं किया गया लेकिन सरकार ने जाट संगठनों को आश्वासन दिया है कि इसे विधानसभा के मौजूदा अधिवेशन में पेश किया जायेगा। इसके बाद जाट संगठनों ने नये सिरे से अपने प्रस्तावित आन्दोलन को 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया।
इस बीच, मुख्यमंत्री ने कहा कि जाटों के आरक्षण से संबंधित विधेयक विधानसभा के मौजूदा अधिवेशन के दौरान किसी भी दिन पेश किया जा सकता है।