उत्तराखण्ड में कांग्रेस बहुमत परीक्षण में सफल रही है। आज उच्चतम न्यायालय ने ये घोषणा करते हुए कहा कि श्री हरीश रावत को 61 में से 33 वोट मिले हैं।उच्चतम न्यायालय ने व्यवस्था दी कि राष्ट्रपति शासन हटाये जाने के बाद श्री हरीश रावत मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। न्यायालय को मतदान में कोई अनियमितता नहीं मिली। विश्वास मत का परिणाम सीलबंद लिफाफे में आज उच्चतम न्यायालय को सौंपा गया। इसमें राज्य विधानसभा में मतदान की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकार्डिंग भी थी।
उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटा लिया गया है। कांग्रेस के राज्य विधानसभा में बहुमत परीक्षण जीत लेने की उच्चतम न्यायलय की घोषणा के बाद केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने यह फैसला लिया ।
इस बीच, श्री हरीश रावत ने कहा है कि उनकी सरकार को आगे बढ़ने के लिए केन्द्र के सक्रिय सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वे जल्दी ही प्रधानमंत्री से मिलेंगे और राज्य के लिए सहयोग मांगेंगे। श्री रावत ने बहुमत परीक्षण में सफल रहने पर न्यायपालिका को धन्यवाद दिया है।
न्यायपालिका एक प्रकार से फाइनल एजूकेटर ऑफ द कॉन्सिटीट्यूशन एण्ड कॉन्सिटीट्यूशनल वैल्यूज, डेमोक्रेटिड वैल्यूज के रूप में आगे आई और उत्तराखंड की जनभावना यथोचित सम्मान पाई। इसके लिए फरोम हाईकोर्ट टू सुप्रीमकोर्ट मैं न्यायपालिका को बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूं।
श्री रावत ने राज्य में मध्यावधि चुनाव की संभावनाओं को खारिज कर दिया है।
देहरादून में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के इस फैसले से लोगों में न्यायालय के प्रति विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के इस निर्णय को किसी ही हार या जीत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में उन्हें केन्द्र सरकार के सहयोग की बेहद जरूरत है। विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त वाले स्टिंग प्रकरण पर श्री रावत ने कहा कि वे सीबीआई को जांच में पूरा सहयोग देंगे। वहीं, राष्ट्रपति शासन हटाये जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालातों पर पार्टी के विधायकों की संख्या बल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, जबकि कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट करने में नाकाम रही