दिल्ली की एक अदालत ने वर्ष २००८ के बटला हाउस मुठभेड़ मामले में एकमात्र संदिग्ध आरोपी इंडियन मुजाहिद्दीन के शहजाद अहमद को दिल्ली पुलिस के एक निरीक्षक की हत्या का दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार शास्त्री ने कहा कि शहजाद हेड कांस्टेबल बलवंत सिंह और राजबीर सिंह की हत्या का प्रयास करने तथा निरीक्षक एम. सी. शर्मा की हत्या का दोषी है। शहजाद ने इन कर्मियों पर गोलियां चलाईं थी। अदालत अगले सोमवार को सजा की घोषणा करेगी। न्यायाधीश ने कहा कि शहजाद को पुलिस अधिकारियों पर हमला करने और उन्हें कर्तव्य पालन से रोकने का भी दोषी पाया गया है।यह मुठभेड़ १९ सितम्बर, २००८ को दिल्ली के जामिया नगर के बटला हाउस के एक फ्लैट में हुई थी। यह मुठभेड़ दिल्ली में सिलसिलेवार बम धमाकों के छह दिन के बाद हुई थी। इन बम धमाकों में २६ लोग मारे गए थे और एक सौ ३३ घायल हुए थे। मुठभेड़ के समय फ्लैट में पांच लोग मौजूद थे। इनमें से अतीफ अमीन और मोहम्मद साजिद मौके पर ही मारे गए थे।