एम्स में पल्स डाई लेजर मशीन करीब डेढ़ साल से खराब पड़ी है। जिसके चलते त्वचा की जन्मजात बीमारी पोर्ट वाइन स्टेन से पीड़ित मरीजों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।
मरीजों की तरफ से वकील अशोक अग्रवाल ने ट्वीट के जरिये इसकी शिकायत केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से की है और मामले पर संज्ञान लेने का आग्रह किया।
पीडीएल मशीन की कीमत करीब 10 करोड़ है। देश में एम्स के अलावा और किसी भी सरकारी अस्पताल में इसकी सुविधा नहीं है। पोर्ट वाइन स्टेन एक जन्मजात बीमारी है।
इस बीमारी में त्वचा पर लाल निशान बन जाता है और वह धब्बे की तरह दिखता है। ज्यादातर लोगों के चेहरे पर यह समस्या होती है। उससे चेहरे के एक तरफ की त्वचा लाल और होठ पर सूजन रहती है।
पीडीएल मशीन से लेजर के जरिये इसका बेहतर इलाज संभव है। एम्स में मुझे 10 बार लेजर कराने की डॉक्टरों ने सलाह दी थी पर एक बार ही हो पाया।