नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी लिए राहत भरी खबर है। उनके घर चोरी का मामला सुलझा लिया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान समेत नोबल पुरस्कार की रेप्लिका भी बरामद कर ली है। मालूम हो, सत्यार्थी के कालकाजी इलाके में बने अरावली अपार्टमेंट में सात फरवरी को चोरी हुई थी।
कालकाजी के अरावली अपार्टमेंट निवासी व नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के घर में मंगलवार देर रात चोर मेटल डिटेक्टर लेकर घुसे थे। चोरों ने प्लास्टिक, फाइबर आदि की महंगी वस्तुओं को हाथ तक नहीं लगाया।
लैटिन अमेरिका की यात्रा से दिल्ली लौटे कैलाश सत्यार्थी ने भी मीडिया के सामने यह आशंका जाहिर की थी कि चोरों ने सिर्फ मेटल की वस्तुएं चुराई हैं। इनमें तांबा, पीतल के मेडल व सोने के गहने शामिल हैं।
चोर सत्यार्थी के घर से गहनों के साथ ही नोबेल शांति पुरस्कार की प्रतिकृति (रेप्लिका), प्रमाणपत्र व ताम्रपत्र भी ले गए थे। बदमाशों ने यहीं दो और घरों में चोरी की थी।
इससे पहले शनिवार को विदेश से लौटे कैलाश सत्यार्थी ने मीडिया को बताया कि चोर वर्ष 1993 से 2016 तक उन्हें मिले करीब 10 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड चुरा ले गए। नोबेल पुरस्कार मिलने के बाद पिछले दो साल के दौरान कई देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व अन्य संस्थाओं की ओर से मिले तमाम महंगे पेन, स्मृति चिह्न व मेडल भी चोर ले गए। मां ने अपने पुश्तैनी गहने बेचकर उनकी पत्नी के लिए गहने बनवाए थे, चोर उसे भी ले गए। शुक्र है कि सोने का नोबेल शांति पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में है।