सिंडीकेट बैंक को 209 करोड़ रुपये का चूना लगाने के मामले में सीबीआई बैंक के चार पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों समेत 10 के खिलाफ मामला दर्ज किया है। होम लोन के नाम पर धोखाधड़ी की गई थी। जांच एजेंसी के अधिकारी ने आरोपियों के जयपुर और अजमेर स्थित ठिकानों पर छापा मारने की बात कही है।
सीबीआई ने शनिवार को मामला दर्ज किया। आरोपियों में सिंडीकेट बैंक के दो सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) और दो मुख्य प्रबंधकों के नाम शामिल हैं। बैंक अधिकारियों में एके तिवारी, आदर्श मनचंदा (एजीएम), संतोष गुप्ता और देशराज मीणा (मुख्य प्रबंधक) की संलिप्तता सामने आई है।
ये चारों सिंडीकेट बैंक की उदयपुर और जयपुर शाखा में काम करते थे। इनके अलावा उदयपुर स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट भारत बॉम्ब, उसका साला पवित्र कोठारी, कोठारी के यहां काम करने वाले पियूष जैन एवं विनीत जैन और शंकर लाल व अनूप बरतारिया को भी आरोपी बनाया गया है। भारत को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है।
आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज के आधार पर होम लोन और अन्य तरह के कर्ज लिए थे। बाद में कंपनी को घाटे में दिखाकर बैंक को 209 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। इनके खिलाफ आइपीसी की धारा 420 के अलावा भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है