बिजली के दाम अप्रैल से बढ़ गए हैं। शनिवार को मप्र विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनी को मुंह मांगे दाम बढ़ाने की मंजूरी दे दी। बिजली के दाम में औसत 9.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ये पिछले साल से 1 फीसदी ज्यादा है। दाम ब़ढ़ाने से कंपनी को 2689 करोड़ अतिरिक्त मिलेंगे। इससे कंपनी सारे घाटे की भरपाई कर लेगी।
बीपीएल को भी नहीं छोड़ा
30 यूनिट की मासिक खपत वाले सिंगल बत्ती कनेक्शनधारी बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को भी इस बार महंगी बिजली ही मिलेगी। कंपनी ने आयोग से 3 रुपए प्रति यूनिट का प्रस्ताव भेजा था। आयोग ने उससे भी आगे बढ़कर 3.10 पैसे प्रति यूनिट दाम तय कर दिए।
घरेलू बिजली 15 से 217 रुपए महंगी
बिजली के दाम ने घरेलू उपभोक्ता को भी करंट मारा है। बढ़ोतरी को समझें तो 15 रुपए 50 यूनिट तक और 400 यूनिट पर 217 रुपए पहले से ज्यादा उपभोक्ता को देना होगा।
कृषि में ज्यादा बोझ
किसानों को भी कंपनी महंगी बिजली देगी। मीटर वाले बिजली उपभोक्ता के लिए शुरुआती अंतर 40 पैसे है। औसत बढ़ोतरी 12 फीसदी हुई है।
उद्योग में को भी झटका
20 पैसे की शुरुआती बढ़ोतरी हुई है। इसमें स्थाई प्रभार कंपनी के प्रस्ताव से ज्यादा आयोग ने मंजूर किया है। कंपनी ने डिमांड आधारित टैरिफ में 10 किलोवाट से ज्यादा के कनेक्शन पर 640 रुपए किलोवाट मांगा था। आयोग ने इसे हरी झंडी दे दी है।
घरेलू बिजली के नए दाम
खपत पुराना नया अंतर
0-50 यूनिट–3.65–3.85–20 पैसे
51-100 यूनिट–4.35–4.70–35 पैसे
101-300 यूनिट–5.60–6.00–40 पैसे
300 से ऊपर यूनिट–6.10–6.30–20 पैसे