हम सभी अपने काम के तनाव को झेलते हैं। मगर, क्या आप जानने चाहेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी सहित बड़ी हस्तियां कैसे इस तनाव का सामना करती हैं। मोदी 18 घंटे तक काम करते हैं और इसके बावजूद तनाव में नहीं होते हैं।
हाल ही में एक व्यक्ति ने “काम के तनाव” के बारे में अपने ट्वीट पर मोदी को टैग किया था। उस व्यक्ति ने उस दिन मोदी के सभी कामों की सूची बनाई थी, जिस दिन उन्हें ऑस्ट्रेलियाई पीएम से मिलना था। उस दिन प्रधानमंत्री के दिन की शुरूआत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बैठक से शुरू हुई थी।
वह पूरा दिन मोदी के लिए व्यस्तता से भरा हुआ था। मोदी ने खुद इसका जवाब ट्वीट में दिया। गौरतलब है कि मोदी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले साल 2012 में दिए गए एक विडियो इंटरव्यू में कहा था कि वह साल-दर-साल वर्कोहॉलिक (ज्यादा काम करने वाले) बन गए।
उन्होंने बताया कि डॉक्टर कहते हैं कि मुझे कम से कम पांच घंटों की नींद लेनी चाहिए, लेकिन में अधिकतम तीन से चार घंटे ही सोता हूं। मुझे गहरी नींद आती है। हम सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की काम करने की आदतों के बारे में जानते हैं। वह दिन में 18 से अधिक घंटे काम करते है।
विदेशों में लंबी यात्रा के दौरान वह होटल के बजाय विमान में सोते हैं, ताकि ‘समय की बचत’ कर सकें। यह उनके स्टेमिना के बारे में बताता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह ऐसा कैसे कर पाते हैं?
वह कहते हैं कि मैं सुबह से लेकर शाम तक बराबर ऊर्जा से भरा रहता हूं। मुझे लगता है कि इसका रहस्य योग और प्राणायाम है, जिसे मैं रोज करता हूं। जब भी मैं थकान महसूस करता हूं, मैं गहरी सांसे लेता हूं और इसके बाद खुद को तरोताजा महसूस करता हूं।
धोनी ऐसे रखते हैं तनाव को दूर
क्रिकेट में जहां जीत होने पर लोग खिलाड़ियों को सर आंखों पर बिठा लेते हैं। वहीं, हार होने पर खिलाड़ियों की आलोचना होना स्वाभाविक है। ऐसे में खेल को दौरान तनाव और हार के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धोनी खुद को कैसे संभालते हैं।
वह अपनी आलोचना को अच्छी तरह से संभालते हैं। गलतियों को स्वीकार करते हैं। इसके लिए धोनी अपने मन को शांत रखते हैं। मजाकिया, विनोदी, विचारशील और व्यावहारिक टिप्पणियां ने उन्हें दर्शकों और पत्रकारों से समान रूप से सम्मान पाते हैं। इसके लिए धैर्य और शांत चित्त होना जरूरी है।