राजस्थान के वन्य जीव अभयारण्यों में बाघ और अन्य वन्य जीवों की मॉनिटरिंग के लिए राज्य सरकार अब ड्रोन और आधुनिक कैमरों का उपयोग करेगी। इसके लिए 50 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की गई है।
इन उपकरणों को अगले साल मार्च तक वन्य जीव अभयारण्यों में स्थापित किया जाएगा। राजस्थान के रणथंभौर, सरिस्का, मुकुंदरा, जवाईबाग और झालाना वन्य जीव अभयारण्यों में एक हजार संवेदनशील स्थान चिन्हित किए गए हैं।
ये वे स्थान हैं जहां शिकार तथा अन्य गतिविधियां होती हैं। अब तक इन स्थानों पर नजर रखने के लिए वन विभाग अपने गार्डों पर ही निर्भर था।
अब इन स्थानों पर थर्मल इमेजिंग कैमरे, ऑप्टिकल कैमरे और ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। इन कैमरों से प्राप्त तस्वीरों पर नजर रखने के लिए सेंट्रल कंट्रोल रूम स्थापित होगा। यहां से आपदा की स्थिति में वनकर्मियों को निर्देश भेजे जाएंगे।